उठो सवेरे हिन्दी कविता।। राजहंस
उठो सवेरे
उठो सवेरे उठकर बच्चों,
ईश्वर का तुम ध्यान करो।
सभी काम छोड़कर पहले,
मात पिता को प्रणाम करो।।
नित्य क्रिया से निवृत्त होकर,
निर्मल जल स्नान करो ।
अल्पाहार थोड़ी सी लेकर,
पढ़ने का फिर काम करो।।
जब भी पढ़ो तो ध्यान लगाकर ,
पढ़ लिखकर कुछ काम करो ।
काम करो तुम ऐसा जग में ,
देश का रोशन नाम करो।।
देश की रक्षा करने को तुम,
तरकस तीर कमान धरो।
जाति पाति का भेद मिटाकर ,
सबका तुम सम्मान करो।।
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