काचहि बाँस के बहंगिया बहंगी लचकत जाय।
छठ पर्व पर विशेष गीत २०१८
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**महापर्व छठ की अग्रीम शुभकामनाएँ **
छठ पर्व हमारे देश में वर्ष में दो बार मानाया जाता है । पहला चैत्र शुक्ल पक्ष षष्टी को जिसे चेती छठ के नाम से दूसरा कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्टी को जिसे कार्तिकी छठ के नाम से जानते है। इस पर्व में स्त्री-पुरूष दोनो भाग लेते है, यह पर्व पारिवारिक सुखसमृद्धि तथा मनोवांछित फल प्राप्ति के हेतु मनाया जाता है।
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| Chhath geet 2018 Singer Rajhans |
– एक मान्यता के अनुसार लंका के राजा रावण पर विजय के बाद राम राज्य स्थापना के दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी को भगवान राम और माता सीता ने उपवास किया और सूर्यदेव की आराधना की और अर्घ दान की।अगले दिन सप्तमी को सूर्योदय के समय फिर से अनुष्ठान कर सूर्यदेव से आशीर्वाद प्राप्त किये।
इस पर्व में उगते सूर्य तथा डुबते सूर्य को अर्घ देते है। इस पर्व का उपवास काफी कठीन है साथ ही नियम निष्ठा से कार्य करने होते है।
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आज मैं आपके बीच छठ गीत लेकर हाजिर हूँ जिस गीत को राजहंस अपने स्वर से सजाया है।
स्वर— राजहंस
गीतकार— सतीश
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