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Independence Day Essay in Hindi | 15 अगस्त पर निबंध हिंदी में | स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

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Independence Day essay in Hindi

15 अगस्त पर निबंध हिंदी में | Independence Day Essay in Hindi : भारत में 15 अगस्त(स्वतंत्रता दिवस) के रूप में बहुत उत्साह और गौरव के साथ मनाया जाता है। 15 अगस्त 1947 ई० को भारतवर्ष को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। तब से हमारे देश में हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को भारत के प्रधानमंत्री लाल किला पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराते हैं।

और इस दिन सभी सरकारी कार्यालय जैसे बैंक, पोस्ट ऑफिस आदि कार्यालयों में अवकाश रहता है। इसके साथ साथ सभी स्कूल, काॅलेज, अस्पताल और अन्य सभी प्रकार के ऑफिस में तिरंगा झंडा फहराया जाता है। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेजों में गीत संगीत, निबंध, ,भाषण ,कविता, नाटक आदि की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है।

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Independence Day Essay in Hindi and English

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध लेखन  प्रतियोगिता में भाग लेने  वाले छात्र, छात्राएं यहां से हिंदी में निबंध पढ़ कर निबंध लेखन सिख सकता है।

15 अगस्त पर निबंध

Independence Day Speech: स्वतंत्रता दिवस के दिन दें ये भाषण (200 words)

स्वतंत्रता दिवस ( Independence Day) किसी भी देश के हर व्यक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।इस दिन को देश के‌ माननि प्रधानमंत्री महोदय दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराते हैं।

इस माह 15 अगस्त (15 August) को देश में 74वां स्वतंत्रता दिवस  (Independence Day) मनाया जाएगा ।  देश को अंग्रेजों की गुलामी से 15 अगस्त के दिन ही आजादी मिली थी। इस लिहाज से भी स्वतंत्रता दिवस (India Independence Day) भारत के हर व्यक्ति विशेष के लिए बेहद महत्व रखता हीं है।

देश के प्रधानमंत्री जब दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं तो उस समय विदेश के भी मेहमान वहां उपस्थित रहते हैं। 15 अगस्त के दिन स्कूल, काॅलेज से लेकर दफ्तरों तक  तिरंगा ध्वज फहराया जाता है।

इस पावन दिन को राष्ट्रीय झंडा फहराने के समारोह के साथ साथ पैरेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है। भारतवासी इस दिन अपनी पोशाक, सामान, घरों और वाहनों पर राष्ट्रीय ध्वज चिन्ह लगा कर राष्ट्र प्रेम प्रदर्शित कर इस उत्सव को हर्ष पूर्वक मनाते हैं।

15 अगस्त 1947, भारत के इतिहास का बहुत ही महत्वपू्र्ण दिन था। स्वतंत्रता एक अमूल्य वस्तु है इसके लिए हमने महान त्याग किया है। हमारे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत देश के आजादी के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए । भारत की आजादी के पश्चात भारतीयों ने अपने देश के पहले प्रधानमंत्री के रुप में पंडित जवाहर लाल नेहरु का चुनाव किया, जिन्होंने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित लाल किले के लाहौरी गेट के ऊपर पर तिरंगा झंडा को पहली बार फहराया। इसके बाद से ही हर भारतीय इस खास दिन को एक राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाता है।

 

Khoon na bahao ,

Aman kee ganga bahane do.

Pyaar khub lutao, 

Yahaan na danga rahane do. 

Laal hare rangon mat baanto hamen, 

Mere siramaur par ek hee tiranga rahane do.

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स्वतत्रता दिवस निबंध 2 (300 शब्द)

15 अगस्त 1947 को भारतवासियों ने ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की स्वतंत्रता को याद करने के लिये राष्ट्रीय पर्व के रुप में  मनाता है। इस दिन, भारत के उन महान नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाती है जिनके नेतृत्व में भारतवासी ब्रिटिश साम्राज्य से आजाद हुए थे। 15 अगस्त के दिन को लोग अपने-अपने अंदाज में मनाते है।

कोई मित्रों और परिवारों के साथ इस दिन को यादगार बनाता है तो कोई देशभक्ति गाने और फिल्मों को देख कर झूमता है, साथ ही कई ऐसे भी होते है जो इस दिन कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर तथा विभिन्न माध्यमों के द्वारा स्वतंत्रता दिवस के महत्व को प्रसारित करते है।

15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को अपने भाषण ‘ट्रिस्ट वीद डेस्टिनी’ (नियति से वादा) नामक अपना एक प्रसिद्ध भाषण दिया तथा इसके साथ ही नेहरु जी ने भारत की आजादी की घोषणा की। इस भाषण में उन्होंने कहा कि, वर्षों की गुलामी के बाद ये वो समय है जब हम अपना संकल्प निभाएंगे और अपने दुर्भाग्य का अंत करेंगे ।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंo जवाहर लाल नेहरु बने जिन्होंने दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से भारतीय झंडा फहराने के बाद भारतीयों नागरिकों को संम्बोधित किया। इसी प्रथा को दूसरे प्रधानमंत्रीयों ने भी आगे बढ़ाया जहां झंडारोहण, परेड, झांकी तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि हर साल इस दिन आयोजित होते है।

भारत एक ऐसा देश है जहां विभिन्न धर्म, परंपरा, और संस्कृति के लोग एक साथ रहते है और स्वतंत्रता दिवस के इस उत्सव को पूरी खुशी के साथ मनाते हैं। इस दिन, भारतीय होने के नाते, हमें गर्व करना चाहिये और ये प्रण करना चाहिए कि हम किसी भी प्रकार के आक्रमण या अपमान से अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिये सदा देशभक्ति से पूर्ण और ईमानदार रहेंगे।

 

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Vah khoon nahin hai panee hai,

Jo mata ke duhkh par khaule na.

Vo veer putr na kayar hai,

Jo bharat man ke kam aae na..

15 th August Sayari

स्वतंत्रता दिवस निबंध 3 (300 शब्द)

15 अगस्त 1947 भारत के इतिहास में  बहुत ही यादगार दिन है।अंग्रजों की लगभग 200 वर्षो की गुलामी के बाद इस दिन हमें आज़ादी की प्राप्त हुई थी। भारत माता को आज़ाद कराने के लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों को अपनी जान की बाजी लगानी पड़ी।

सैकड़ों देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानियों के कठिन संघर्ष के बाद भारतवर्ष अंग्रजों की गुलामी से मुक्त हुआ था। तब से ले कर प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को हम स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते आ रहें हैं।

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स्वरंत्रता दिवस के अवसर पर सम्पूर्ण भारत में राष्ट्रीय अवकाश होता है। इससे एक दिन पहले भारत के राष्ट्रपति महोदय देश के समक्ष अपने विचार से देशवासियों को संबोधित करते हैं। जिसे रेडियो के साथ कई टेलीविजन चैनलों पर सुनें और देखें जाते है।

स्वतंत्रता दिवस के दिन हर वर्ष देश के प्रधानमंत्री लाल किला पर तिरंगा ध्वज फहराते हैं। तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र गान(जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता……….) गया जाता है। और इक्कीस बार गोलियों से फायरिंग कर सलामी दी जाती है।

इसके साथ ही भारतीय सशस्त्र बल,अर्धसैनिक बल एवं एन.एन.सी.सी कैडेड पैरेड करते हैं। इन दिन लाल किला से आॅल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के डी. डी. नेशनल चैनल पर  सीधा प्रसारण किया जाता है।

आतंकवादियों के द्वारा की जाने वाली, ख़तरों को ध्यान में रखते हुए, सुरक्षा की क कड़ी इंतज़ाम किये जाते हैं।

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देश की राजधानी के साथ साथ देश के अन्य सभी राज्यों में भी मुख्यमंत्री महोदय सम्मान के साथ तिरंगा ध्वज फहराते हैं। स्वतंत्रता दिवस के दिन हम अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रधांजलि अर्पित करते हैं और उनके सम्मान में फूल माला चढ़ाते है।

इस दिन को देशभक्तों के यादों में देशभक्ति गीत गाए जाते हैं और नारे लगाये जाते हैं। वहीं पर कुछ लोग पतंग उड़ा कर आजादी  महापर्व का त्योहार मनाते है।

Indipendence day tiranga shayari

Marakar bhee khushanaseeb vo hai,

 Jo desh par mit jaate hain. 

Seene pe goliyaan khaakar vo,

Tiranga mein lipat so jaate hain..

स्वतंत्रता दिवस निबंध 4 (400 शब्द)

ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने के बाद से भारत में स्वतंत्रता दिवस सभी भारतीयों के लिये एक महत्वपूर्ण दिन बन गया है। हम इस दिन को हर साल 15 अगस्त 1947 से मनाते आ रहे है। गांधी जी, भगत सिंह, लाला लाजपत राय, तिलक, सुभाष चंद्र बोस और चन्द्रशेखर आजाद जैसे  हजारों वीर देशभक्तों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए कुर्बानी दे दी।

महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन से हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों को बहुत मदद मिली और 200 साल तक के लंबे संघर्ष करने के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। स्वतंत्रता के लिये किये गये कड़े संघर्ष ने उत्प्रेरक का काम किया जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपने अधिकारों के लिये हर भारतीय को एक साथ किया, चाहे वो किसी भी जाति, धर्म, वर्ग, संस्कृति या परंपरा को मानने वाले हो।

यहां तक कि अरुणा आसिफ अली, एनी बेसेंट, कमला नेहरु, सरोजिनी नायडु और विजया लक्ष्मी पंडित जैसी महिलाओं ने भी घर का काम छोड़कर आजादी की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

आजादी के इस पर्व को सभी भारतीय अपने-अपने तरीके से मनाते है, जैसे उत्सव की जगह को सजाना, फिल्में देखना, अपने घरों पर राष्ट्रीय झंडे को लगा कर, राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत गाकर, तथा कई सामाजिक क्रियाकलापों में भाग लेकर। राष्ट्रीय गौरव के इस पर्व को भारत सरकार द्वारा बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।

इस दिन भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराया जाता है और उसके बाद इस उत्सव को और खास बनाने के लिये भारतीय सेनाओं द्वारा परेड, विभिन्न राज्यों की झांकियों की प्रस्तुति, और राष्ट्रगान की धुन के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो उठता है।

राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस इसी उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल मुख्य अतिथी के रूप में होते है। लोग सुबह जल्दी तैयार होकर प्रधानमंत्री के भाषण का इंतजार करते है। भारतीय स्वतंत्रता इतिहास से प्रभावित होकर कुछ लोग स्वतंत्रता दिवस के दिन देशभक्ति से परिपूर्ण फिल्में देखते है साथ ही सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

मैं भारतभूमि को हरदम सम्मान करता हूँ,

यहाँ की उर्वर मिट्टी को हम गुणगान करता हूँ।

मुझे मोक्ष की चाहत कभी नहीं,

ना स्वर्ग की चिंता रखता हूं।

हो हाथ तिरंगा मौत के पल,

बस एक हीं इच्छा रखता हूँ।।

जय हिन्द!जय भारत! वन्दे मातरम

15 August Desh Bhakti Shayari in Hindi

हमें तन चाहिए ना धन चाहिए,

बस अमन से भरा प्यारा वतन चाहिए।

जब तक जिवित हूं मातृभूमि मिले,

और मरने के बाद तिरंगा कफन चाहिए।।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण (Independence Day Speech)    500 words

मेरे प्यारे देशवासियों।

मैं आप सभी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं/देती हूं।

मुझे 74वें स्वतंत्रता दिवस पर कुछ बोलने का अवसर प्राप्त हुआ है । जिससे मैं अपने आप को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। आज से ठीक 74 वर्ष पूर्व,हमे अंग्रेजों से आजादी मिली ।

इस देश की आजादी के संघर्ष की गाथा वैसे तो बहुत बड़ी है और इसका सम्पूर्ण वर्णन कुछ मिनटों में नहीं किया जा सकता है। फिर भी इतना कहना चाहूंगा कि हर भारतीय के लिए 15 अगस्त का दिन बहुत खास होता है।

देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए जो योगदान दिया वो कभी भूला नहीं जा सकता। क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों के कारण ही आज हम सब आजाद हैं। स्वतंत्रता दिवस न केवल ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की आजादी को दर्शाता है बल्कि यह इस देश की शक्ति को भी प्रर्दशित करता है।

Deshabhakti ke taraane gaen ham, 

Aao svatantrata divas manae ham.

Dushmanon kee rahatee hai ham par kutil najar, 

Aatankavaad ko na dhaane denge kahar..

Independence Day Essay in Hindi

हमारे देश के‌ वीर योद्धाओं ने कई लड़ाइयां लड़ने के बाद जाकर 15 अगस्त 1947 को हमें आजादी दिलाई। तभी  से लेकर आज तक, हम लोग हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़ी धूमधाम से मनाते आ रहे हैं।

आज  हमारा देश भारत तेजी से विकास कर रहा है। अपना हिन्दुस्तान तेजी से शिक्षा ,तकनीक, खेल, वित्त, और कई दूसरे क्षेत्रों में भी विकास कर रहा है। जोकि आजादी के बिना संभव हीं नहीं था।

परमाणु ऊर्जा में समृद्ध देशों में भारत का नाम भी शामिल हैं।कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलंपिक, एशियन गेम्स जैसे प्रतिस्पर्धाओं में भारत सक्रिय रुप से भागीदार रहा है। आज भारतवर्ष का गौरव विश्व में और भी ऊंचा होता जा रहा है।

भारत में उद्योग धंधे तेजी से बढ़ रहा है और दुनिया भर की बड़ी कंपनीयां यहां निवेश कर रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना देश अब नई उचाइयों को छू रहा है।.

भारत के छात्र, छात्राओं विश्वभर में अपने देश का नाम रोशन किया है और कर रहे हैं। इस देश के वैज्ञानिकों की मेहनत के चलते आज हमने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं। चंद्रयान 2 इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।

ऐसे में देश के हर वर्ग के नागरिकों को देश की प्रगति को ध्यान में रखकर काम करते रहना चाहिए। क्योंकि ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां भारतियों को अभी बहुत मजबूत होने की जरूरत है। आज हमारे देश की सरकार के पास रोजगार पैदा करने की चुनौती बढ़ गई है।

ऐसे हालात में हमें एकजुट होकर देश की उन्नति के लिए मिलकर काम करना चाहिए। मैं आप सबों को मेरे द्वारा दिये गाए भाषण को सुनने के लिए सहृदय धन्यवाद देना चाहता हूं ।

और इसी के साथ मै एक शायरी पढ़कर अपनी वाणी को विराम देना चाहूंगा/चाहूंगी

मैं भारतभूमि को हरदम सम्मान करता हूँ,

यहाँ की उर्वर मिट्टी को हम गुणगान करता हूँ।

मुझे मोक्ष की चाहत कभी नहीं,

ना स्वर्ग की चिंता रखता हूं।

हो हाथ तिरंगा मौत के पल,

बस एक हीं इच्छा रखता हूँ।।

जय हिन्द!जय भारत! वन्दे मातरम!  Independence Day Essay in Hindi

 

Independence Day Ki Shayari

मंदिर मस्जिद और गुरुद्वारा के साथ रहते गिरजा।

गंगा यमुना कृष्ण कावेरी और यहाँ है नर्मदा,

विश्वशांति और प्रेमदूत की हरदम देती है शिक्षा,

इसलिए मेरा भारत पूज्यनिय है  सर्वदा।।

Independence Day Essay in Hindi, Independence Day Essay in Hindi and English

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस पर निबंध, जानें कैसे मिली हमें आजादी (500 words)

 

15अगस्त का दिन भारतीय के लोकतंत्र एवं हर भारतीयों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यह वह दिन है जिस दिन भारतीयों को अंग्रेजी शासन से आजादी मिली थी। इस कारण हम हर बर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते है। आधुनिक समय में भारतवर्ष दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।

15 अगस्त(स्वतंत्रता दिवस) का दिन भारतीय लोकतंत्र और हर भारतीय के लिए स्वर्णिम दिन है।इसी दिन को 200 बर्षों की गुलामी के बाद भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्ति मिली थी। इसी वजह से हर बर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाया जाता है।

आज के इस समय में आर्यावर्त के नाम से जानें जाने वाले देश भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। आज हम अपने देश भारत की आजादी की 74वीं सालगिरह मना रहे हैं।

 

15 अगस्त 1947 को जो हमें आजादी मिली वह बड़ी कठिनाइयों से मिली है। इसके लिए हमें बड़ी बड़ी कुर्बानियां देनी पड़ी है। और लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा है।

भगत सिंह, महात्मा गांधी,  नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, गोपाल कृष्ण गोखले,डॉ.राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सुखदेव,  लोकमान्य बालगंगाधर तिलक,लाला लाजपत राय, चंद्र शेखर आजाद जैसे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी बलिदान दिया है।

तब जाकर हम आजाद भारत में सांस लेने के योग्य हो पाए। देश की आजादी के लिए सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान गंवा दी। वे अंग्रेजी शासन से लड़ने में दिन-रात एक कर दिए। वे देश के खातिर अपने आराम और जीवन के सारे सुख त्याग दिए। उनमें से कुछ देशभक्त जैसे

भगत सिंह, अशफाकुल्लाह खान,चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, जैसे कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान तक देश पर कुर्बान कर दी।

महात्मा गांधी जिन्होंने अहिंसा के आन्दोलन को अपनाया  उससे आजादी हासिल करने में काफी मदद मिली। इसका नतीजा यह हुआ कि  200 सालों के ब्रिटिश शासन से हमें मुक्ति मिली। स्वतंत्रता की इस लड़ाई में हर धर्म, जाति, रंग और नस्ल के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफ अली, विजय लक्ष्मी पंडित, कमला नेहरू, कस्तूरबा गांधी, एनी बेसेंट जैसी महिलाओं ने भी स्वतंत्रता के इस आंदोलन में हिस्सा लिया।

स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर सरकारी स्तर पर भी बड़े कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है। वैसे तो सबसे बड़ा कार्यक्रम लाल किले पर होता है, जहां देश के प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हुए लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हैं।

कुछ लोग तो सुबह से ही तैयार होकर दूरदर्शन पर भारत के प्रधानमंत्री द्वारा दिये जाने वाली भाषण सुनते एवं देखते हैं। इसके बाद कई अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।

फिर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को 21 तोपों की सलामी दी जाती है। इसी प्रकार हर राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस समारोहों का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाता है। जहां राज्य के अतिथियों में राज्यपाल और मुख्यमंत्री जी मुख्य रूप से शामिल होते हैं।

स्वतंत्रता दिवस समारोह को देश का हर नागरिक बुढ़े, जवान और बच्चें अपने-अपने तरीके से मनाते है। इस अवसर पर वे सब कार्यक्रम स्थल को सजाते हैं‌ फिर राष्ट्रीय झंडा फहराकर  राष्ट्रीय गान फिर देशभक्ति के गीत गाते बजाते हैं। इस अवसर पर स्कूलों, कालेजों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन उत्साह पूर्वक होता है।

 Indipendence day 2019 shayari in hindi 

Aao desh ka jayagan karen, 

Shaheedon ko phir yad karen. 

Apanee matribhoomi kee raksha ko, 

Apana jeevan kurban karen..

Independence Day Essay in Hindi

स्वतंत्रता दिवस निबंध 7 (600 शब्द)

 

प्रस्तावना

15 अगस्त 1947 एक ऐसा दिन था जिसे हमारे इतिहास में बहुत ही सुनहरे अक्षरों से लिखा गया। ऐसा दिन जब भारत आज़ाद हुआ, अंग्रेज़ भारत छोड़ने पर मज़बूर हो गये और वे चले गए । हमें दो सौ साल कि गुलामी से आज़ादी मिली , तो जश्न भी उतना ही बड़ा होना था और शायद यही वजह है कि आज भी हम इस दिन को उतने ही धूम-धाम से मनाते हैं।

स्वतंत्रता दिवस का स्वर्णिम इतिहास

अंग्रेजों के भारत पर कब्जा करने के बाद हम अपने ही देश मे गुलाम हो गए थे। सबकुछ हमारा था जैसे कि धन, अनाज, जमीन परंतु किसी पर भी हमारा अधिकार नहीं था। वे मनमाना लगान वसूल करते और जो मन उसकी खेती करवाते जैसे नील इत्यादि नकदी फसल की खेती। ऐसा विशेष रूप से बिहार के चंपारण में देखा गया। हमने जब – जब उनका विरोध किया, हमें उससे भी बड़ा जवाब मिला , जैसे कि जलियांवाला बाग हत्याकांड।

प्रतारण की कहानियों की कमी नहीं है और न ही कमी है हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के साहस पूर्ण  रहा है। लेकिन हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर आज भी सबसे कुलीन है और शायद यही वजह है कि आज भी हमारे देश में अतिथियों को देवताओं की तरह पूजा जाता है। जब-जब अंग्रेज भारत आएंगे हम उनका भी स्वागत करेंगे लेकिन इतिहास को स्मरण करते हुए।

स्वतंत्रता सैनानियों का योगदन

हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानी जैसे गांधी जी, जिनका आज़ादी के संघर्ष में अति महत्वपूर्ण योगदान रहा है और वे सबसे लोकप्रिय भी रहे । उन्होने सबको सत्य, अहिंसा का पाठ पढ़ाया और वह भी अहिंसा वादी था, जो सबसे बड़े हथियार के रूप में उभरा और कमज़ोर से कमज़ोर व्यक्ति के जीवन में भी उम्मीद के दीपक जलाए। गांधी जी ने देश से कई कुप्रथाओं को हटाने के अथक प्रयास किये और सभी तबकों के लोगों को एक साथ लाया, जिसकी वजह से यह लड़ाई और आसान हो गई। उनके लिये लोगों का प्यार ही था जो लोग उन्हे लोग बापू बुलाने लगे ।

साइमन कमीशन के विरोध में सब शांतिप्रिय तरीके से विरोध किया, लेकिन इसी बीच अंग्रेजों ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया और इसमे लाला लाजपत राय की मृत्यु हो गई। इससे आहत होकर भगत सिंह, सुख देव, राजगुरू ने सांडर्स की हत्या कर दी और बदले मे इन्हे भी फाँसी की सजा हुई और वे हंसते-हंसते फाँसी की तख्त पर चढ़ गये।

आजादी की इस लड़ाई में सैकड़ो ऐसे नाम हैं जैसे सुभाष चन्द्र बोस, बाल गंगाधर तिलक, मंगल पांडे, डॉ राम मनोहर लोहिया, रानी लक्ष्मीबाई, गणेश शंकर विद्यार्थी, राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि जिनके योगदान अतुलनीय हैं।

आजादी का रंगीन पर्व

स्वतंत्र भारत में इस पर्व को मनाने के तरीके अलग-अलग हैं। हफ्ते भर पहले से बाजारों मे रौनक आ जाती है, कहीं तीन रंग की रंगोली बिकती है, तो कहीं तीन रंगों की लाइट। पूरा वातावरण ही मानो इन रंगों मे समा जाता है। हर तरफ  जस्न का माहौल होता है, तो कहीं देशभक्ती गीतों की झनकार से वातावरण गूंज उठता है । पूरा देशवासी नाचते-गाते इस उत्सव को मनाता है। लोग खुद भी झूमते हैं और दूसरों को भी झूमने पर मजबूर कर देते हैं।स्वतंत्रता तो स्वतंत्रता होती है पूरा देश एक जुट हो जाता है वो भी ऐसे, कि क्या हिंदू क्या मुसलमान, कोइ भेद ही नज़र नहीं आता।

निष्कर्ष

स्वतंत्रता सबसे बड़ा वरदान है। जैसा की स्वतंत्रता दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है, इस दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है और स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय सब बंद रहते हैं। लेकिन यह लोगों का उत्साह ही है जो इस दिन को मनाने के लिए सब एक जुट होते हैं और बड़े हर्षोल्लास के साथ हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया जाता है, तिरंगा फहराया जाता है और मिठाइयां बांटी जाती हैं।

Na hindoo banenge, 

Na musalaman banenge. 

Dushman ko bhagane vaalon mein, 

Sarataj banenge.. 

Indipendence day indian shayari 

Independence Day Essay in Hindi

स्वतंत्रता दिवस निबंध 8  (800 शब्द)

भारतवर्ष में हर साल स्वत्रंता दिवस 15 अगस्त को धूमधाम से मनाया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्वतंत्रता दिवस का एक विशेष महत्व होता। इसलिए हर भारतीयों के लिए यह दिन बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। 15 अगस्त 1947 को भारत मां को अंग्रजों की परतंत्रता से स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी। स्वतंत्रता दिवस को हम अंग्रेजो से आजादी प्राप्त करने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मानते हैं।

अंग्रेजों से कई वर्षों तक विद्रोहों के बाद हमने स्वतंत्रता प्राप्त की और 14 – 15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को भारतवर्ष एक स्वतंत्र देश हो गया। दिल्ली के लाल किला पर पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पहली बार भारतीय (तिरंगा) झंडे का अनावरण किया था। वे मध्यरात्रि के स्ट्रोक पर “ट्रास्ट विस्ट डेस्टिनी”जोरदार भाषण दिया।

सम्पूर्ण राष्ट्र उन्हें अत्यंत खुशी और उत्साह के साथ सुना। तब से प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस में प्रधान मंत्री पुरानी दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर जनता को संबोधित करते हैं। इसी के साथ हीं तिरंगे को 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

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स्वतंत्रता दिवस के दिन सभी सरकारी दफ्तर, कार्यालयों में तिरंगा ध्वज फहराया जाता है ।और राष्ट्रगान “जन-गण-मन”का गान किया जाता है। स्कूल, कालेजों में भिन्न भिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है । इतना ही नहीं राष्ट्र गान के बाद मिठाइयां बांटी जाती हैं।

महात्मा गांधी,  सुभाषचंद्र चंद्र बोस, मंगल पांडे, भगतसिंह, रामप्रसाद बिस्मिल, रानी लक्ष्मीबाई, अशफाक उल्ला खां, चन्द्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु आदि कई स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।

भारतीय केकुछ लोग पतंग उड़ा कर तो ,कुछ लोग कबूतर उड़ा कर आज़ादी मानते हैं। प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस मनाना भारतवासियों  के स्वतंत्रता के इतिहास को जिंदा रखता है। और स्वतंत्र होने का सही मतलब  समझाता है।

 Indipendence day shayari status 

Apane vatan ko prem karana mera dharm hai,

Apane vatan ko raksha karana mera karm hai.

Jo jee churaate hain is dharm aur karm se,

Yaheen to sabase bada adharm hai..

Independence Day Essay in Hindi

स्वतंत्रता दिवस निबंध 9 (900 शब्द)

 

प्रस्तावना

भारत के राष्ट्रीय त्योहारों में से एक है हमारा स्वतंत्रता दिवस। भारत के इतिहास का एक स्वर्णिम दिन है। अंग्रेजों की गुलामी जब चरम पर पहुंची तो देश जागा और आजादी की जंग शुरू हुई , तब एक ऐसा दिन जब भारत आज़ाद हुआ। अंग्रेज़ भारत छोड़ गए, स्वतंत्रता का नवप्रभात निकला , लेकिन यह स्वतंत्रता और भी कई मायनों में अलग थी। हम अब न तो शारीरिक रूप से गुलाम और न ही मानसिक तौर पर गुलाम थे। हमें खुल के बोलने, पढ़ने, लिखने, अलग जगहो पर घूमने, हर क्षेत्र में आजादी मिली।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पल & अंग्रेजों का भारत आगमन

बात उस समय की है जब भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। 17वीं शताब्दी के शुरूआत में अंग्रेज व्यापार करने के लिए भारत आए, उस समय यहां मुगल वंश का शासन था। धीरे-धीरे अंग्रेजों ने व्यापार के बहाने अपनी सैन्य सक्ति को बढ़ाया और अनेक राजाओं को धोखे से युद्ध में हरा कर उनके क्षेत्रों को अपने अधीन कर लिया। 18वीं सदी तक ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से अपना वर्चस्व स्थापित कर, अपने आस-पास के सभी क्षेत्र को अपने वश में कर लिया।

भारत एक गुलाम के तौर पर

तब हमें एहसास हो चुका था कि हम गुलाम बन चुके हैं। हम सीधे अंग्रेजी हुकूमत के अधीन थे। शुरू-शुरू में अंग्रेजों ने हमें शिक्षित करने या हमारे विकास का हवाला देकर हम पर अपनी चीज़े थोपना शुरू किया फिर धीरे-धीरे वह, उनके व्यवहार में शमिल हो गया और वे हम पर शासन करने लगे। अंग्रेजों ने हमें शारीरिक और मानसिक तौर से प्रताड़ित किया। इस दौरान कई युद्ध भी हुए, जिसमें सबसे प्रमुख था द्वितीय विश्व युद्ध, जिसके लिए थोक के भाव में भारतियों की सेना में भर्ती की गयी। भारतीयों का अपने ही देश में कोई अस्तित्व नहीं रह गया , अंग्रेजों ने जलियांवाला बाग जैसे हत्याकांड को भी अंजाम दिया और भारतीय केवल उनके दास मात्र बन के रह गए थे ।

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की स्थापना

इस संघर्षरत वातावरण के बीच ही 28 दिसम्बर 1885 को 64 व्यक्तियों द्वारा राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की स्थापना हुई । जिसमे दादा भाई नौरोजी और ए ओ ह्यूम की महत्वपूर्ण भूमिका रही और वे धीरे-धीरे क्रान्तिकारी गतिविधियों को अंजाम देने लगे, लोग बढ़ चढ़कर पार्टी में शामिल होने लगे। इसी क्रम में भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना हुई। ऐसे ही कई दल सामने आये और उनके अतुल्य योगदान का ही नतीजा है कि हमें स्वतंत्रता की प्राप्ति हुई। जिसके लिए कई वीरों ने गोली खाई और कईयों को तो फांसी की सजा भी हुई, कई मांओं की कोखें , तो कुछ भरी जवानी अभागन बन गई ।

सांप्रदायिक दंगे और भारत का बंटवारा

इस प्रकार देश को अंग्रेज़ छोड़ के तो चले गये और हम आजाद भी हो गए। स्वतंत्रता आई परंतु एक और जंग अभी देखना बाकी था। देश के दो टूकरे हो गए, सांप्रदायिक हिंसे भड़क उठे, नेहरू और जिन्ना दोनों को प्रधानमंत्री बनना था, नतीजन देश का बटवारा हो गया ।

भारत और पाकिस्तान नाम से एक हिंदू और एक मुस्लिम देशों की स्थापना हुई। गांधी जी की मौजूदगी से इन हमलों में कमी तो आई, फिर भी मरने वालों की तादात लाखों थी। एक तरफ आजादी का माहौल था तो वहीं दूसरी ओर भीषण रक्तपात का मंजर । देश का बटवारा हुआ और 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ ।

स्वतंत्र भारत व आजादी का पर्व

आजादी एवं बटवारे के बाद हम हर वर्ष, स्वतंत्रता दिवस को अपने अमर वीर जवानों एवं दंगे में मारे गए निर्दोष लोगों को नमन कर के मनाते हैं। अमर जवानों की कोई निश्चित गणना नहीं है, क्योंकि इसमें बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सब शामिल हो गए थे। पूरा देश एक जुट था तब जाकर ये सपना पूरा हुआ। हां कुछ प्रमुख देश भक्त ज़रूर थे जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता जैसे की भगत सिंह, सुखदेव, राज गुरू जिन्हें फांसी हुई, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई इत्यादि। महिलाएं भी इस युद्ध में पीछे नहीं थीं, जैसे कि एनी बेसेंट, सरोजिनी नायडू और कई अन्य भी शामिल थी।

नए दौर में स्वतंत्रता दिवस के मायने

स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी बड़े जोर-शोर से की जाती है, लाल किले के प्राचीर से हर वर्ष हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी तिरंगा फहराते हैं। उसके बाद राष्ट्र गान एवं उनके भाषण के साथ कुछ देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते है, जैसा कि सैना टुकरियों की परेड, झांकी जिनका आनंद हम वहां उपस्थित हो कर या घर बैठे वहां के सीधे प्रसारण से देख सकते हैं।

हर वर्ष इस कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि को किसी अन्य देश से बुलाए जाते हैं। स्वतंत्रता दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है और इस मौके पर सारे संस्थान बंद रहते हैं। यह एक ऐसा पर्व है जिसे पूरा देश एक जुट हो कर मनाता है, लेकिन सबको मनाने के तरीके अलग होते हैं। कोई नई पोशाक पहन के तो कोई देशभक्ति गीतों को सुन के इस दिन को मनाता है।

निष्कर्ष

स्वतंत्रता सबसे बड़ा वरदान है, इसलिए इस दिन की याद में प्रत्येक वर्ष स्वाधीनता दिवस मनाया जाता है। यह पर्व हमें  वीरों के अमर बलिदान के साथ-साथ इतिहास को न भूलने का स्मरण कराता है, कि दुबारा किसी दूसरे को व्यापार के बहाने शासन करने का मौका न दिया जाए और आज के युवा पीढ़ी का परिचय उनके गौरवपूर्ण इतिहास से कराया जाता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में गिना जाता है। भले ही स्वतंत्रता दिवस मनाने के सबके तरीके अलग हों, लेकिन मकसद सबका एक ही होता है। सब मिल-जुल कर एक दिन देश के लिए जीते हैं, सब लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं और खुश होते हैं।

स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भाषण, गीत संगीत, लेखन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है। अगर आप भी स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देना चाहते हैं तो आप इस तरह का भाषण यहां से सिख कर दे सकते हैं।

Independence Day Essay in Hindi

Independence Day Vatan Parasti Shayari

 हम नहीं जिऐंगे नहीं मरेंगे,

 धर्म और मजहब के नाम पे।

हम इंसानों का एक कर्म,

जिएं मरें हम वतन नाम पे।।

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याद रखें www.NewsViralsk.com/GK.html

Independence Day Essay, idependence Day essay in English

Independence Day Essay

Independence Day is celebrated as an annual national festival, to mark the anniversary of nationwide independence of India from the British Empire on 15 of August within the 12 months 1947. It was probably the most luckiest day for the people of India when India turned impartial after numerous hardships and sacrifices of the courageous Indian freedom fighters.

We have gained this freedom after a really laborious battle. From that day, 15th of August has change into a vital day within the Indian historical past and is widely known all through the nation with the total spirit of patriotism.

When India obtained its independence on 15th August 1947, Pundit Jawaharlal Nehru was chosen as the primary Prime Minister of India and our tricolour National Flag was unfurled by him on the Red Fort within the nationwide capital, New Delhi for the very first time.

Form that day onwards, at the present time is widely known yearly at Red Fort, New Delhi. Many duties are carried out on at the present time which features a march previous by the Indian military and cultural applications by the varsity college students.

Prime Minister of our nation hoists the nationwide flag and after hoisting and reciting the National Anthem (Jana Gana Mana), the Prime minister of India provides his annual speech. On at the present time, we additionally bear in mind and commemorate all the nice personalities and freedom fighters who had performed a vital position and sacrificed their lives for bringing independence to India.

On at the present time of celebration, the National Flags are additionally hoisted in lots of faculty and schools. Many sorts of actions, dance, performs and so on. are additionally carried out by the lecturers and the scholars to make kids realise the significance of at the present time.

Independence Day Essay in Hindi on the top

Independence Day Shayari for Hindustan

कुछ अभिमान तिरंगा के शान का है,

कुछ अभिमान मातृभूमि की आन का है।

 हम तिरंगा कि ऋणी है सदियों से,

क्योंकि भारत मां की आजादी उन्हीं के नाम का है।।

Independence Day Essay, Independence Day in India Essay

Independence Day -15th August 1947 is a crucial day for all Indians. It is widely known as a nationwide vacation by the people of India to commemorate independence from Great Britain. On at the present time, people of India pay healthily tribute to the nice leaders due to whom India turned free perpetually.

Our leaders like Jawahar Lal Nehru, Bhagat Singh, Gandhiji and plenty of sacrificed their lives to let people get pleasure from being impartial in our nation. To commemorate at the present time, people watch patriotic motion pictures, hearken to music, in colleges kids take part in competitions and contests, and go to view numerous stay performances concerning the that means of the day.

Jawaharlal Nehru changed into our first Prime Minister after the liberty of India on seventeenth of August 1947 who raised the Flag at Lahore Gate of Red Fort in Delhi and given a speech. This marvel is trailed by the opposite ensuing Prime Ministers of India the place banner lifting capabilities, marches, parade, salute by 21 weapons and different cultural occasions are organised.

Other people commend at the present time by elevating the nationwide banner on their clothes, houses or automobiles. On the 12 PM of fifteenth August in 1947, Pandit Jawaharlal Nehru had declared the liberty of India by perusing out his speech on “Tryst with destiny”. He mentioned that after lengthy years of slavery, it’s the time to take a pledge and let our nation succeed.

India is the place a lot of people stay collectively whether or not they have a spot with totally different faith, societies or traditions and commend this particular occasion with nice pleasure. At at the present time, just like an Indian, we should always really feel happy and may make a vow to maintain ourselves steadfast and energetic to save lots of our motherland from any assault or humiliation by totally different nations.

 

Independence Day Essay Kids and Students in English

Long and Short Essays on Independence Day for Kids and Students in English
Given under are two essays in English for college students and kids concerning the matter of ‘Independence Day’ in each lengthy and brief kind. The first essay is a protracted essay on the Independence Day of 400-500 words.

This lengthy essay about Independence Day is appropriate for college students of sophistication 7, 8, 9 and 10, and in addition for aggressive examination aspirants. The second essay is a brief essay on Independence Day of 150-200 phrases. These are appropriate for college students and kids in school 6 and under. ( Independence Day Essay in Hindi on the top)

Independence Day Essay

Agar ham desh kee seva mein maren, 

To mujhe garv hoga. 

Mere khoon kee ek ek boond, 

Is desh ke naam hoga.. 

Long Essay on Independence Day 550 Words in English

Below we’ve got given a protracted essay on Independence Day of 500+ phrases that’s useful for lessons 7, 8, 9, and 10 and Competitive Exam Aspirants. This lengthy essay on the subject is appropriate for college students of sophistication 7 to class 10, and in addition for aggressive examination aspirants.

The British, clever and diplomatic as they have been, sensed this inherent division and took the fullest benefit of the state of affairs by aggravating dissensions after which presenting themselves because the arbiters, and finally the usurpers of energy. In the type of the East India Company, they’d put their foot on the Indian soil as merchants, solely within the promotion of commerce and commerce.

That was through the reign of Emperor Jahangir, the Moghul emperor. But progressively this buying and selling firm first took the initiative within the monetary sector after which prolonged its scope to political good points and colonial growth and progressively succeeded of their plans. India finally, got here immediately, underneath British rule and have become part of the British Empire.

But there was a number of discrimination towards the Indian people natives as they have been contemptuously referred to as by the British. Such subjugation and slavery went on for fairly a protracted spell of time the unrest within the minds of the people stored brewing up however with none group and management, the ambers remained buried underneath the ashes.

Raja Ram Mohan Roy, Swami Dayanand Saraswati, Swami Vivekananda, The Theosophical Society of India have been the people and the organizations which created an asocial and cultural renaissance within the nation. The Indian National Congress in its preliminary form within the first three annual periods praised the British authorities and solely prayed for reforms.

It was solely in 1907 for the primary time that Bal Gangadhar Tilak raised his voice towards British domination and all the pieces Western and it was Tilak who for the primary time gave the proud slogan ‘Freedom is our birthright and I shall have it’. Lala Lajpat Rai and Bipin Chandra Pal this trio of Bal, Lai, and Pal preached with vehemence to interrupt away from the British shackles.

Lala Lajpat Rai exhorted his countrymen in phrases as ‘Indians should no longer be content to be beggars whining for favors; for, if they cared for their country they would have to strike a blow for themselves. Bipin Chandra Pal an outstanding Journalist of Bengal wrote in papers like ‘New India’ and ‘Bandematram’ which writings labored like a rousing present on the minds of the younger people.

Independence Day Essay in Hindi

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Certain inner and exterior components additionally labored to arouse the nationwide consciousness and nationwide pleasure among the many people, notably sure rude and autocratic steps taken by the Viceroy Lord Curzon. De Mello a author of reputation rightly wrote ‘Perhaps no single British administrator in India gave a greater impetus to the national movement than Lord Curzon with his ill-disguised contempt for the Indian National Congress’.

In the meantime there rose up a band of extremists like Chandra Shekhar Azad, Sardar Bhagat Singh, Ashfaqullah, and a few others who believed within the excessive manner of the bomb with which motion the moderates didn’t agree. The extremists, although failed of their actions, nonetheless helped in arousing the emotions of the lots. The Jalianawala bloodbath in 1919 added gas to the fireplace.

By this time Lai, Bal and Pal had left the scene and Mahatma Gandhi had taken up the management. His non-cooperation motion towards the British authorities in 1920, his ‘Dandi March’ The Salt Satyagrah and thereafter many extra actions carried on the liberty motion nonetheless additional.

The British authorities did not fulfill the aspirations for full independence of the nation however regardless of making efforts of some settlement, Gandhi turned from the trail of cooperation and moderation to finish non-cooperation with the British Government. All efforts have failed Gandhi, was led to make the historic announcement of ‘Quit India’ motion in 1942 and gave the decision for ‘Do or die’.

Short Essay on Independence Day in English

Below we’ve got given a brief essay on Independence Day is for Classes 1, 2, 3, 4, 5, and 6. This brief essay on the subject is appropriate for college students of sophistication 6 and under.

He strongly pronounced that ‘Freedom has not to come tomorrow but today ……….. I want freedom immediately, this very night before dawn if it can be had’. This name led to a spontaneous upsurge all around the nation an uncontrolled mass motion on the largest scale. It gave rise to unbridled violence and sabotage.

India awoke, as if, from slumber to mass awakening. The British Government took drastic steps Gandhi together with all different prime leaders have been arrested and even the least suspected ones have been put to persecution and dire punishment.

The Labour Party had come to energy in England and Clement Atlee turned the Prime Minister. This new authorities confirmed a extra favorable perspective in direction of the Indian aspirations and underneath the Mountbatten plan India was lastly divided into India and Pakistan and the nation was granted full freedom on August 15, 1947.

The long-fought wrestle was dropped at a wonderful finish however at an excellent value, the best being the bifurcation of the nation into two.

August 15, that is the day of deliverance from the international yoke an excellent day, a solemn day. This day shall stay the day of nice achievement. This day provides the countrymen an everlasting name to guard, protect, and strengthen our freedom which has been received after such an effort, a lot of sacrifice and such a protracted wrestle.

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