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Computer Hardware, Input Output Device and Storage

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कंप्यूटर – हार्डवेयर (Computer Hardware)

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का मिला रूप है इसलिए हमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों के संबंध में जानना अति आवश्यक है।

कम्प्यूटर  दो प्रकार के घटकों से मिलकर बनता है —

Hardware (हार्डवेयर ):–

हार्डवेयर मशीन के भाग है जिसे हम छूकर या देखकर महसूस कर सकते हैं। यह मुख्यतः प्लास्टिक या धातु से बने होते हैं।

Software (सॉफ्टवेयर)  :–

सॉफ्टवेयर वह घटक है जो कंप्यूटर को चलाने लायक बनाते हैं, सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर एक खाली डिब्बा के समान है।

कम्प्यूटर इनपुट उपकरण

Input Device (इनपुट डिवाइस) —कंप्यूटर में जो कुछ हम निर्देश देते हैं जिसका हमें और कुछ चाहिए वह इनपुट है।
मान लेते हैं हमें कंप्यूटर को बताना है कि 30 और 40 को जोड़ने पर कितना होता है? ये इनपुट है। नीचे कुछ इनपुट डिवाइस का नाम है।
जैसे– की बोर्ड, माउस, माइक पंचिंग कार्ड, जॉय स्टिक, स्कैनर, माइक्रोफोन, बार कोड रीडर, ऑप्टिकल मार्क रीडर,
ऑप्टिकल पेन इत्यादि

कम्प्यूटर आउटपुट उपकरण

OutPut Device (आउटपुट डिवाइस) —-इनपुट देने के पश्चात प्रोसेसिंग के बाद हमें जो रिजल्ट प्राप्त होता है जिसे हम देखते हैं, वह आउटपुट है।
ऊपर दिए गए उदाहरण जैसे कि 30 और 40 का जोड़ कितना होता है? तो इसका जवाब 70 आता है यही आउटपुट है। नीचे  कुछ output device  का नाम है ।
जैसे–प्रिंटर, मॉनिटर, प्रोजेक्टर इत्यादि

माध्यमिक भंडारण उपकरणों —- हार्ड डिस्क, सीडी, डीवीडी, पेन ड्राइव, फ्लॉपी इत्यादि

आंतरिक घटकों —- सीपीयू, मदरबोर्ड, रैम, ग्राफ़िक्स कार्ड आदि

कंप्यूटर – मदरबोर्ड (Computer Motherboard)

मदर बोर्ड कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसके द्वारा कंप्यूटर के सभी आंतरिक भागों को जोड़ते हैं। हार्ड डिक्स, ग्राफिक्स कार्ड, रैम मेमोरी, मॉडेम पोर्ट्स सभी को जोड़ने का काम मदर बोर्ड  में ही होता है। जिस प्रकार मनुष्य की रीड की हड्डी होती है, ठीक उसी प्रकार मदर बोर्ड को कंप्यूटर की रीड की हड्डी कह सकते हैं।

कंप्यूटर – स्मृति (Memory)

कंप्यूटर मेमोरी में हम डाटा को सुरक्षित रख सकते हैं। और समय पर प्रोसेसिंग करके उसे वापस प्राप्त कर सकते हैं। कंप्यूटर मेमोरी में सॉफ्टवेयर संचित रहते हैं जिसके माध्यम से कंप्यूटर जटिल से जटिल  कामों को पलक झपकते कर देते हैं।
कंप्यूटर मेमोरी में अनेक छोटे-छोटे भाग होते हैं, इसमें से प्रत्येक भाग को सेल कहते हैं।  प्रत्येक सेल का एक खास एड्रेस होता है।

मेमोरी मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है।
1. कैश स्मृति
2. प्राथमिक अथवा मुख्य स्मृति
3. सेकेंडरी अथवा द्वितीयक स्मृति

कंप्यूटर – रोम (Rom)

यह कंप्यूटर का एक अहम हिस्सा है। रोम हमारे कंप्यूटर सिस्टम के प्राथमिक स्टोरेज डिवाइस हैं यह एक चिप के आकार के होते है, जिसे मदर बोर्ड से जोड़ा जाता है। यह कंप्यूटर डाटा को पढ़ने के लिए है। इसमें हम कुछ लिख नहीं सकते और ना ही कुछ स्टोर कर सकते हैं। ROM का विस्तारित रूप Read Only memory है।

ROM और RAM में मुख्य अंतर यह है कि जब हम अपना कंप्यूटर सिस्टम बंद कर देते हो तो RAM अपना डाटा खो देते  लेकिन ROM कंप्यूटर बंद होने के बाद भी अपना डाटा नही खोती है।

ROM मुख्य चार प्रकार के होते हैं–

1. PROM (PROGRAMABLE READ ONLY MEMORY)

2. EPROM (ERASABLE PROGRAMABLE READ ONLY MEMORY)

3. EEROM (ELECTRIC ERASABLE PROGRAMABLE READ ONLY MEMORY)

4. EAROM (ELECTRIC ATERABLE READ ONLY MEMORY)

कंप्यूटर – रैम (RAM)–

( Random access Memory) हमारे कंप्यूटर में सबसे अधिक इसी मेमोरी का प्रयोग होता है। इसकी क्षमता जितनी अधिक होती है हमारा सिस्टम उतना ही फास्ट काम करती है।

यह अस्थाई मेमोरी होता है। काम करते समय विद्युत चले जाने पर अर्थात विद्युत सप्लाई बंद हो जाने पर इस मेमोरी के अंतर्गत संग्रहित डाटा नष्ट हो जाते है।

कंप्यूटर का रैम जितना अधिक होता है। कंप्यूटर की संसाधन क्षमता उतनी ही अधिक होती है तथा कंप्यूटर तेजी से काम करता है ।

RAM निम्न क्षमता में उपलब्ध है

64MB, 128MB, 256MB, 512MB, 1GB, 2GB इत्यादि।

 RAM दो प्रकार के होते हैं

(a) Dynamic RAM (गतिशील रैम ) —-इसे बार-बार refresh नहीं कर सकते यह सस्ता होता है।

(b) Static RAM—(स्टेटिक रैम) इसमें डाटा को refresh करने की आवश्यकता नहीं होती।

मेमोरी  इकाई सीपीयू (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट)

सीपीयू यानी केंद्रीय संसाधन इकाई ( central processing unit) को कंप्यूटर का दिमाग भी कहते है । CPU में कंप्यूटर की सारी गणनाएं तथा प्रोसेसिंग होती है, उसके बाद हमें विभिन्न गणनाओं के परिणाम  सामने आते है । कंप्यूटर से जुड़े अन्य सभी device को भी CPU ही नियंत्रित करते है ।

सीपीयू के प्रमुख तीन मुख्य घटक है

1. ALU (अंकगणित तर्क इकाई)
2. MU (मैमोरी इकाई)
3. CU (नियंत्रण इकाई)

कंट्रोल युनिट ( control unit)  संपूर्ण प्रक्रिया पर नियंत्रण रखता है तथा दिए  निर्देशों के आधार पर कार्य को ALU या MU को भेज  देता है, उसके बाद परिणाम को आगे भेजता है। कंट्रोल युनिट की कार्य-क्षमता किलोहर्ट्ज़, मेगाहर्ट्ज़ तथा गिगाहर्ट्ज़ आदि में मापी जाती है।

प्रोसेसर की कार्य-प्रणाली को हम बिट के आधार पर मापते है। जैसे – 8-बिट, 16-बिट, 32 -बिट एवं 64-बिट।
हर एक bit में दो मान होते हैं –00 या 01 या 10 या 11

32-बिट में कुल 232 तक मान होते हैं। 32-बिट प्रोसेसर एक समय में कुल 232 तक के आंकडों पर कार्य करने में सक्षम होते हैं।

एक प्रोसेसर में जितने अधिक बिट होंगे उनके कार्य करने की क्षमता उतनी ही प्रभावशाली होती है।

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