Sharda Sinha ki kuchh Yade : श्रीमती शारदा सिन्हा के कुछ यादें, जो दिल को छू लगा
बिहार की फेमस फोक सिंगर शारदा सिन्हा का 5 नवंबर को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। शारदा सिन्हा का जन्म 8 भाइयों के बीच इकलौती बहन के रूप में हुआ और उनके लिए घर में कोसी भरा गया था।
शारदा सिन्हा का पहला गीत जो रिकॉर्ड हुआ
अपने पहले गीत को याद करते हुए उन्होंने कहा था, ‘मेरा पहला गीत जो रिकॉर्ड हुआ, वह बताई थी कि पहली बार उन्होंने अपने भैया के शादी में जीत गायी थी। और यह गीत उन्हें गाना पड़ा, क्योंकि बड़ी भाभी ने बोला था कि ऐसे नेग नहीं मिलेगा, गाकर मांगिए। तो मैंने गाया और वो इस तरह था- द्वार के छिकाई नेग पहले चुकैओ, हे दुलरुआ भैया, तब जहिया कोहबर आपन।’
आज तक यूट्यूब चैनल के माध्यम से इस इंटरव्यू को सामने रखा गया है। नीचे दिए गए वीडियो पर क्लिक करके आप देख सकते हैं। यहां पर काफी लंबा इंटरव्यू है जिसमें शारदा दीदी मिथिला की भी चर्चा की है –
Viral Interview
छठ के चार ऐसे गीत
श्रीमती शारदा सिन्हा का निम्न गीत काफी प्रसिद्ध हुए।
‘डोमिनी बेटी सुप लेले ठार छे’, ‘अंगना में पोखरी खनाइब, छठी मैया आइथिन आज’ ‘मोरा भैया गैला मुंगेर’ और श्यामा खेले गैला हैली ओ भैया’ ये छठ के चार ऐसे गीत थे, जो मैंने 1978 में रिकॉर्ड किया था।
विनम्र श्रद्धांजलि 🙏




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