नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना | पंचामृत का भोग
सभी भक्तजनों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। आज का यह लेख माता के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी के विषय में है। माता श्वेत वस्त्र धारण की है दाहिने हाथ में अष्टदल की माला तथा बाएं हाथ में कमंडल लेकर विराजित है।
ऐसा मान्यता है कि माता ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से सर्व सिद्धि की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी को पंचामृत का भोग बहुत पसंद है इसलिए आज के दिन पंचामृत का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
भक्त वृंद आज के लेख में हम जानेंगे कि पंचामृत कैसे बनाया जाता है? और इसका फायदा क्या है?
पंचामृत प्रसाद बनाने के सामग्री-
पंचामृत बनाने के लिए आधा कप दूध, आधा कप दही, एक टेबुलस्पून शहद, एक टेबुलस्पून चीनी, टी-स्पून घी तथा एक तुलसीदल की आवश्यकता होती है।
एक पवित्र बर्तन में दही लेकर सबसे पहले उसे अच्छी तरह से फेंट दे। उसके बाद दूध, चीनी, शहद इत्यादि को अच्छी तरह मिलाएं तथा एक तुलसीदल मिला देना है। पंचामृत बनकर तैयार हो गया इसे मां ब्रह्मचारिणी को भोग लगाकर अपने परिवार और संबंधियों में बांटे।
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