कल्प क्या है? चारों युगों की अवधि कितनी है?
कल्प हिन्दुओं के सृष्टिक्रम तथा विकास की गणना हेतु बहुत लम्बी मापन इकाई है। कल्प शब्द का उल्लेख वैदिक हिंदू धर्म ग्रंथों में मिलता है।
जिस प्रकार मनुष्य की आयु 100 वर्ष निर्धारित है, ठीक उसी प्रकार ब्रह्मा जी की आयु भी 100 वर्ष की है। बस दोनों के गणना में फर्क है।
सृष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक दिन ‘कल्प’ कहलाता है, प्रलय ब्रह्मा के लिए मात्र एक रात है, इसके बाद पुन: सृष्टि होती है। एक कल्प 4 अरब 32 करोड़ मानव वर्ष के बराबर होता है।
मानव वर्ष गणित के मुताबिक एक दिव्य अहोरात्र 360 दिनों का होता है।
दिव्य 12000 वर्ष = एक चतुर्युगी
71 चतुर्युगी = एक मन्वन्तर
1000चतुरयुगी = एक कल्प
एक कल्प = 4 अरब 32 करोड़ वर्ष
4,32,00,00,000 वर्ष
पाठक वृंद यहां चारों युगों की अवधि पर भी एक नजर देते है —
सत्युग– 17 लाख 28 हजार वर्ष
त्रेता –12 लाख 96 हजार वर्ष
द्वापर–8 लाख 64 हजार वर्ष
कलियुग– 4 लाख 32 हजार वर्ष
उपरोक्त जानकारियां इंटरनेट से ली गई है। सत्यता के लिए Google में जरुर सर्च करें





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