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दीपावली हम क्‍यों मनाते हैं, जानें द‍िवाली के बारे में दिलचस्प ये बातें

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दीपावली क्‍यों मनाते हैं, जानें द‍िवाली के बारे में दिलचस्प ये बातें

Diwali 2021: भारत को पर्वों का देश कहा जाए तो यह कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। हमारे देश में सालों भर कुछ ना कुछ पर्व होते ही रहते हैं उन्हीं पर्वों में से दिवाली यानी दीपावली का पर्व भी हमारे लिए काफी महत्व रखता है।

दीपावली कार्तिक मास के अमावस्या के दिन पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाते हैं, खासकर भारत में इस पर्व को काफी उत्साह पूर्ण तरीके से मनाया जाता है।

दोस्तों, आज हम आपके साथ दिवाली से जुड़े कुछ दिलचस्प बातें बताने वाले हैं-

दीपावली का पर्व हम क्यों मनाते हैं? Why do we celebrate Diwali in Hindi?

Diwali the festival of lights

राक्षस राजा नरकासुर का वध किया भगवान श्री कृष्ण

शास्त्रों के अनुसार राक्षस राजा नरकासुर ने तीनों लोगों पर आक्रमण कर दिया। वे देवी-देवताओं पर अत्याचार करने लगे। उस समय भगवान श्री कृष्ण आकर नरकासुर का वध किया तथा नरकासुर द्वारा कैद किए गए 16000 महिलाओं को कैद से आजादी दिलाएं।
इसी की खुशी में यह पर्व 2 दिन तक मनाया गया। इसमें दीपावली का विशेष महत्व है दिवाली से पहले का दूसरा दिन नरक चतुर्थी के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

Diwali the festival of lights rangoli

रावण का वध किया भगवान श्री राम

दिवाली के पीछे अनेक कहानियां प्रचलित है, अलग-अलग मान्यताएं हैं। लोग कहते हैं , भगवान श्री रामचंद्र जी 14 वर्ष का वनवास काटने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के आने की खुशी में पूरा अयोध्या झूम उठा । उस दिन अयोध्यावासी घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किए और तभी से यह पर्व दीपावली के रूप में मनाए जाने लगे।

दीपावली के दिन माता लक्ष्मी का जन्म

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास की अमावस्या के दिन माता लक्ष्मी की उत्पत्ति हुई। धन की देवी माता लक्ष्मी के जन्मदिन को दीपावली के दिन उनके पूजा अर्चना के साथ मनाते हैं।

Rangoli Diwali the festival of lights

दीपक का जन्म कहां से हुआ तथा दीपदान से क्या लाभ है?

स्कंद पुराण के अनुसार दीपक का जन्म यज्ञ से हुआ। यज्ञ देवताओं और मनुष्यों के बीच संवाद साधने का एक माध्यम है। एक मान्यता है यदि कोई व्यक्ति दीपदान करता है तो उन्हें शारीरिक एवं आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। जहां सूरज देव का प्रकाश नहीं पहुंच पाता वहां दीपक का प्रकाश को पहुंचाया जा सकता है। इसलिए दीपक को सूर्य का भाग ‘सूर्यांश संभवो दीप:’ कहा जाता है।

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