Jitiya Vrat जितिया पर्व का क्या महत्व है?
नमस्कार दोस्तों एजुकेशन पोर्टल में बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों आज हम आपके बीच महिलाओं के बेहद खास पर जितिया के विषय में चर्चा करेंगे।
जितिया पर्व का क्या महत्व है ? इस पर्व को महिलाएं श्रद्धा पूर्वक क्यों करती है। संपूर्ण जानकारियां इस लेख में हम आपके साथ शेयर करने वाले हैं।
जितिया पर्व माताएं अपने संतान की लंबी आयु, निरोग जीवन, सुखी की कामना के लिए करती है। इस व्रत को जिउतिया, जितिया, जीवित्पुत्रिका, जीमूतवाहन व्रत नाम से भी जानते है।
Jivitputrika Vrat
वैसे जितिया व्रत करने का विधान हर वर्ष आश्विन मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को है। यह व्रत सप्तमी से लेकर नवमी तिथि तक चलती है। इस व्रत में प्रथम दिन नहाय खाय, दूसरे दिन माताएं निर्जला व्रत और तीसरे दिन पारण की जाती है।
माताएं स्नान आदि कर भगवान सूर्य की प्रतिमा को स्नान कराती है। धूप, दीप, नेवेद्य आदि से पुजन व आरती करती है और उसके बाद भोग लगाती है।
सप्तमी को खाना और जल ग्रहण कर माताएं व्रत प्रारंभ करती हैं, अष्टमी को पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं तथा नवमी को व्रत का समापन किया जाता है।




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